गिरिडीह जिले मे डुमरी-बेरमो पथ पर टिंगरा नदी पर बना डायवर्सन एक बार फिर गुरुवार की शाम हुई जोरदार बारिश के पानी में बह गया। उक्त डायवर्सन 26 अप्रैल को भी नदी का जल स्तर बढ़ने से बह गया था। दो माह के भीतर उक्त डायवर्सन के दो बार बह जाने से विभागीय कार्य प्रणाली पर प्रश्न खड़ा कर दिया है। डायवर्सन के बह जाने से इस पथ पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। कुछ चालक जान जोखिम में डालकर अपने वाहनों को नदी से पार कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग डायवर्सन की मरम्मती को लेकर कोई भी प्रयास शुरू नहीं किया था।
बता दें कि उक्त स्थान पर बना पुल वर्षो से जर्जर था। 5 जनवरी की सुबह एक भारी ट्रक के गुजरने के दौरान उक्त पुल का एक बड़ा हिस्सा धंस कर ट्रक के साथ नीचे आ गिरा था। इसके बाद इस पथ पर वाहनों का आवागमन पुरी तरह से बंद हो गया था। तीन दिनों तक इस पथ पर पूरी तरह आवागमन बंद रहा। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कच्चा डायवर्सन बनाने के बाद 9 जनवरी को इस पथ पर आवागमन शुरू हुआ था।
बताया जाता है कि उक्त पथ निर्माण विभाग पथ प्रमंडल बोकारो के अधीन है। 26 अप्रैल को बहे डायवर्सन को तकनीकी मापदंडों को नजरअंदाज कर जैसे तैसे बनाकर विभाग ने अपनी जिम्मेवारी खत्म मानकर बैठ गया। बताया जाता है कि डायवर्सन बनाने के समय विभाग ने एक बार फिर बारिश के दौरान नदी के जल बहाव की क्षमता को ध्यान में नहीं रखा। मात्र एक ह्युम पाईप डालकर डायवर्सन का निर्माण कर दिया गया। परिणाम हुआ कि जिन कारणों से दो माह पूर्व डायवर्सन बहा था एक बार फिर उसी कारण से गुरुवार की शाम डायवर्सन बह गया। बीती शाम प्रखंड के आसपास के क्षेत्रों में जोरदार बारिश हुई जिससे नदी में बारिश का पानी पूरी रफ्तार से बहने लगा। डायवर्सन कच्चा होने और पर्याप्त मात्रा में ह्युम पाईप नहीं होने के कारण कच्चा डायवर्सन पानी का दबाब नहीं झेल पाया और बह गया।
रूट बदल कर वाहनों का हो रहा है आवागमन :
डायवर्सन बह जाने के बाद इस पथ पर चलने वाले भारी और हल्के वाहन रूट बदल कर गंतव्य तक आ जा रहे हैं।

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